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मुंबई। पारंपरिक और प्रमाण-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में 120 वर्षों से अधिक की विरासत रखने वाली हमदर्द लेबोरेटरीज ने AYUSH सेक्टर को लेकर केंद्रीय बजट 2026–27में किए गए प्रावधानों का स्वागत किया है। कंपनी के अनुसार, बजट में AYUSH इकोसिस्टम को मजबूत करने पर दिया गया फोकस देश में निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बजट पर टिप्पणी करते हुए हमदर्द लेबोरेटरीज के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी अब्दुल मजीद ने कहा कि बजट में AYUSH फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को बेहतर बनाने, कुशल हेल्थ प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ाने और एविडेंस पर आधारित रिसर्च को बढ़ावा देने जैसे कदमों से पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना को प्रस्ताव पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम संकेत बताया है।

उन्होंने कहा कि भारत में स्वास्थ्य चुनौतियां तेजी से मधुमेह, कैंसर और ऑटोइम्यून बीमारियों जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज़ की ओर बढ़ रही हैं, जहां रोकथाम और दीर्घकालिक देखभाल बेहद अहम है। ऐसे समय में, जैविक दवाओं और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की भूमिका स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती, सुलभ और टिकाऊ बनाने में और बढ़ जाती है। अगले पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के निवेश के साथ प्रस्तावित ‘बायोफार्मा शक्ति’ पहल इस दिशा में एक मजबूत कदम है। इस से भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है।

श्री मजीद ने कहा कि यूनानी चिकित्सा भारत में स्वास्थ्य देखभाल में ऐतिहासिक योगदान रही है, और इसके डिलीवरी इकोसिस्टम का आधुनिकीकरण आज के उपभोक्ताओं तक भरोसेमंद और प्राकृतिक उपचारों की पहुंच को और आसान बनाएगा।

उन्होंने आगे कहा, “हमदर्द में यूनानी और आयुर्वेद चिकित्सा की वैज्ञानिक प्रमाणिकता, गुणवत्ता और सुलभता को बनाए रखना हमेशा हमारी प्राथमिकता रही है। यह बजट पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य जरूरतों के बीच सेतु बनाने के महत्व को और मजबूत करता है, खासकर ऐसे समय में जब लोग रोजमर्रा के स्वास्थ्य और वेलनेस के लिए प्राकृतिक और निवारक समाधानों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।”

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