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एकीकृत ट्रेड फेयर्स भारत की सप्लाई चेन प्रतिस्पर्धात्मकता को आगे बढ़ाने के लिए वैश्विक लॉजिस्टिक्स निर्णयकर्ताओं को एक मंच पर लाते हैं

मुंबई। एयर कार्गो इंडिया का 11वां संस्करण 25 फरवरी को मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया 2026 के पहले संस्करण के साथ शुरू हुआ। यह आयोजन एयर कार्गो और मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स उद्योग के लिए एक केंद्रित B2B मार्केटप्लेस के रूप में अपनी मजबूत पहचान को और सुदृढ़ करता है।
ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया 2026 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में एबी डिविलियर्स की घोषणा की गई है। अनुशासन, अनुकूलनशीलता और उच्च प्रदर्शन मानसिकता के लिए प्रसिद्ध डिविलियर्स की यह भागीदारी परिचालन उत्कृष्टता, सटीकता और निष्पादन पर आयोजन के फोकस को दर्शाती है—वे गुण जो शीर्ष स्तर के खेल और विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स दोनों की पहचान हैं।

मेसे म्यूनिख इंडिया द्वारा आयोजित ये सह-स्थित ट्रेड फेयर्स विशुद्ध रूप से व्यवसायिक सहभागिता के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटर, फ्रेट फॉरवर्डर्स, शिपिंग लाइंस, रेल ऑपरेटर्स, लॉजिस्टिक्स पार्क डेवलपर्स, कोल्ड चेन विशेषज्ञों और सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी प्रदाताओं को खरीदारों, साझेदारों और नीति-निर्माताओं से जोड़ते हैं।

एयर कार्गो इंडिया के स्थापित ब्रांड के साथ ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया का शुभारंभ एकीकृत लॉजिस्टिक्स सोच की दिशा में एक ठोस कदम है। फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेरिशेबल्स जैसे क्षेत्रों के लिए एयर फ्रेट, सरफेस ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउसिंग की आपसी निर्भरता लगातार बढ़ रही है।

इस वर्ष का संयुक्त मंच 38 से अधिक देशों के 230 से ज्यादा ब्रांड्स को प्रस्तुत कर रहा है। प्रदर्शनी स्थल पर कार्गो और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स की पूरी वैल्यू चेन—विमान क्षमता और ग्राउंड हैंडलिंग से लेकर वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमेशन सिस्टम्स और डिजिटल डॉक्युमेंटेशन सॉल्यूशंस—दिखाई दे रही है।

जर्मन पैवेलियन लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों का सशक्त मिश्रण प्रस्तुत कर रहा है, जो इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन सिस्टम्स में जर्मनी की स्थापित क्षमताओं को रेखांकित करता है। इसके साथ ही, ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व वाला AITWA पैवेलियन भारत के रोड ट्रांसपोर्ट समुदाय को प्रमुखता से सामने लाता है और घरेलू व सीमा-पार व्यापार में उसकी केंद्रीय भूमिका को मजबूत करता है।

इसके अतिरिक्त, स्मार्टकार्गो द्वारा संचालित फ्यूचर टेक पैवेलियन डिजिटल कार्गो प्रबंधन, ऑटोमेशन और रियल-टाइम विज़िबिलिटी पर केंद्रित भविष्यदृष्टि को जोड़ता है। आयोजकों ने बल्क लिक्विड लॉजिस्टिक्स को भी मुख्य एजेंडा में शामिल किया है, जो रसायन, ऊर्जा और प्रोसेस इंडस्ट्री के लिए इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

साथ ही, सम्मेलन कार्यक्रम में 123 उद्योग नेताओं की भागीदारी के साथ व्यापक उद्योग संवाद को दिशा दी जा रही है। ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया “लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस एक्सीलेंस के साथ विज़न 2030 को सशक्त बनाना” विषय पर चर्चा कर रहा है, जबकि एयर कार्गो इंडिया “ग्लोबल एयर कार्गो – बूमिंग बट बंपी” के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में वृद्धि और अस्थिरता का विश्लेषण कर रहा है।

प्रद्युम्न कुमार त्रिपाठी (आयुक्त जनरल – मुंबई कस्टम्स ज़ोन-I, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार) ने कहा, “भारत के व्यापार की वृद्धि इस बात पर निर्भर करती है कि हम सीमाओं के पार माल को कितनी कुशलता से आगे बढ़ाते हैं। हमारा फोकस स्पष्ट है—तेज़ क्लीयरेंस, स्मार्ट सिस्टम्स और उद्योग के साथ घनिष्ठ समन्वय। एयर कार्गो इंडिया और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया जैसे प्लेटफॉर्म हमें सुनने, तालमेल बिठाने और मिलकर सुधार करने में मदद करते हैं।”

जर्मनी के संघीय गणराज्य के महावाणिज्य दूतावास के उप महावाणिज्य दूत, क्रिस्टोफ रेंडटॉर्फ ने कहा, “इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स इनोवेशन में जर्मनी और भारत की मजबूत साझेदारी है। इस मंच पर जर्मन पैवेलियन की उपस्थिति उस सहयोग की गहराई को दर्शाती है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स समाधान, ऑटोमेशन और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम्स ऐसे क्षेत्र हैं जहां भारत-जर्मनी सहयोग ठोस परिणाम दे सकता है। एयर कार्गो इंडिया और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया जैसे आयोजन दोनों देशों की कंपनियों को व्यावहारिक, दीर्घकालिक साझेदारियाँ बनाने में सक्षम बनाते हैं।”

AITWA के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा, “रोड ट्रांसपोर्ट भारत की सप्लाई चेन की रीढ़ है, जो बंदरगाहों, हवाई अड्डों, औद्योगिक क्लस्टर्स और उपभोग केंद्रों को जोड़ता है। जैसे-जैसे व्यापार की मात्रा बढ़ती है, एयर कार्गो, सरफेस ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउसिंग के बीच एकीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। इस मंच पर AITWA की भागीदारी एकीकृत लॉजिस्टिक्स योजना के महत्व को रेखांकित करती है। जब ट्रांसपोर्टर्स, फ्रेट फॉरवर्डर्स, एयरलाइंस और नीति-निर्माता एक साथ बैठते हैं, तो हम ट्रांज़िट समय घटाने, विश्वसनीयता बढ़ाने और भारतीय उद्योग के लिए कुल लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के और करीब पहुँचते हैं। आज इस आयोजन में AITWA प्रतिनिधिमंडल ने पाँच ज़ोन में ड्राइवर-समर्पित सुविधाएँ—चिकित्सा सहायता, सुरक्षा प्रशिक्षण, स्वस्थ भोजन और अन्य लाभ—स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके लिए अगले तीन वर्षों में लगभग 75 करोड़ रुपये के निवेश की अपेक्षा है।”

मेसे म्यूनिख इंडिया के सीईओ और IMEA क्षेत्र के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह ने इस मंच के रणनीतिक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह एक केंद्रित B2B मार्केटप्लेस है। प्रतिभागी स्पष्ट उद्देश्यों के साथ आते हैं—रूट नेटवर्क का विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर साझेदारियाँ, टेक्नोलॉजी समाधानों को अपनाना या क्षेत्रीय ट्रेड कॉरिडोर्स को मजबूत करना। यहाँ की चर्चाएँ उद्देश्यपूर्ण और व्यावसायिक रूप से प्रासंगिक हैं। असली मूल्य उच्च गुणवत्ता वाली सहभागिता और सार्थक हैंडशेक्स को ठोस व्यावसायिक परिणामों में बदलने की क्षमता में निहित है।”

जब भारत लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और वैश्विक व्यापार एकीकरण को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है, तब एयर कार्गो इंडिया और ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक इंडिया जैसे मंच संरचित B2B वातावरण प्रदान करते हैं, जहाँ परिचालन चुनौतियाँ व्यावहारिक समाधानों से मिलती हैं।

ये ट्रेड फेयर्स 26 फरवरी 2026 तक मुंबई में जारी रहेंगे और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम के विभिन्न क्षेत्रों में लक्षित व्यावसायिक बैठकों और उद्योग संवाद को बढ़ावा देंगे।

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