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मुंबई। एक नई दिशा द्वारा आयोजित और आफ्टरनून वॉइस Afternoon Voice द्वारा प्रस्तुत प्रगत भारत पुरस्कार का आयोजन गरिमा, उद्देश्य और राष्ट्रीय भावना के साथ संपन्न हुआ। इस मंच पर शासन, उद्योग, कूटनीति, सामाजिक सेवा और नवाचार से जुड़े देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व एक साथ उपस्थित रहे।
इस गरिमामय समारोह में उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षामंत्री धन सिंह रावत, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, प्रसिद्ध अभिनेता शिवाजी साटम, स्वीडन के उप महावाणिज्य दूत जोआकिम गुन्नारसन, मैक्सिको की उप महावाणिज्य दूत एड्रियाना विलानुएवा बेसेरिल, तथा एडवोकेट निहार ठाकरे, संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर, विस लेजिस लॉ प्रैक्टिस—जैसे विशिष्ट मुख्य अतिथियों की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया गया, जिनका योगदान उद्यमिता, स्वास्थ्य सेवा, कानून, संस्कृति, कृषि, कूटनीति, तकनीक और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्रों में भारत की प्रगति को सशक्त करता है।

बेस्ट होटलियर एंड एंटरप्रेन्योर पुरस्कार स्वीकार करते हुए, कामत होटल्स समूह के कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. विठल कामत ने व्यवसाय में धैर्य और दृढ़ता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,
“भारत में ऐसे अनेक लोग हैं जिन्होंने अवसरों की कमी के बावजूद असाधारण सफलता प्राप्त की। लेकिन सफलता का अर्थ यह नहीं कि चुनौतियाँ समाप्त हो जाती हैं—व्यवसाय में नुकसान अपरिहार्य हैं। कोविड काल में मुझे भारी क्षति हुई, लेकिन मैंने इसे विनम्रता और संकल्प के साथ स्वीकार किया। असली मायने समर्पण, प्रतिबद्धता और हर चुनौती से उबरने की शक्ति के हैं।”

सभा को संबोधित करते हुए धन सिंह रावत ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में सम्मान-आधारित मंचों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “युवाओं और स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को स्पष्ट दिशा दी है। सम्मान और सराहना से व्यवसायियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उद्यमशीलता को गति मिलती है।”

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का सपना साकार होने की दिशा में है।
उन्होंने कहा, “इस तरह के आयोजन अनुभव और नवाचार के बीच की दूरी को पाटते हैं।”
उन्होंने Afternoon Voice की संपादक डॉ. वैदेही तामन की सराहना करते हुए कहा कि कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने हेतु दी गई सहायता अत्यंत सराहनीय है। “इस प्रकार का सहयोग वंचित वर्गों में आत्मविश्वास पैदा करता है और यह संदेश देता है कि समाज उनके साथ खड़ा है,” उन्होंने जोड़ा।

सामाजिक समावेशन पर बोलते हुए, सामाजिक परिवर्तन और समावेशी नेतृत्व के लिए सम्मानित आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा, “ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त बनाना एक कठिन संघर्ष रहा है। लेकिन जब आपके कार्य की सराहना होती है, तो आगे बढ़ने की शक्ति और प्रेरणा मिलती है।”

एडवोकेट निहार ठाकरे ने कहा, “कानून का अभ्यास जिम्मेदारी का कार्य है—संविधान, संस्थानों और समाज के प्रति। तेजी से बदलते भारत में वकीलों की भूमिका केवल कानून की व्याख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि नैतिकता के साथ प्रणाली को सुदृढ़ करना और निष्पक्ष प्रगति को संभव बनाना है। मैं इस उद्देश्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हूं।”

आफ्टरनून वॉइस Afternoon Voice की संस्थापक-संपादक और प्रगत भारत पुरस्कारों की प्रस्तोता डॉ. वैदेही तामन ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “लोगों ने हमें अत्यंत स्नेह और सहयोग दिया है। अपने बड़े कद और उपलब्धियों के बावजूद उन्होंने हर प्रयास में हमारा साथ दिया। इस मंच का उद्देश्य विभिन्न व्यापार समूहों को एक साथ लाकर भविष्य के लिए सार्थक अवसरों का सृजन करना है।”

इस अवसर पर संजय भिड़े, संदीप सोपारकर, उत्तरा मोने, दत्तात्रय घाडगे, अधिक कदम, सीए उत्तम अग्रवाल, डॉ. संतोष पांडेय, रामदास करवंदे, डॉ. गगन रैना, डॉ. रेज़ा सेयेदन, जेनाविंटा हेल्थ केयर, सुधींद्र राव एस, सीए वेंकट रेड्डी और अभिजीत राणे सहित अनेक विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया।
स्वीडन और मैक्सिको के अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम के वैश्विक आयाम को और सशक्त किया, जो नवाचार, सतत विकास और जन-जन के सहयोग में भारत की बढ़ती वैश्विक भागीदारी को दर्शाता है।

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