जानी-मानी टीवी और फिल्म अदाकारा सुनीता पांडेय इन दिनों अपने नए टीवी सीरियल ‘रंगबाज़ी दिलों की’ को लेकर चर्चा में हैं, जो दंगल चैनल पर प्रसारित हो रही है। इस सीरीज़ का पहला एपिसोड 8 दिसंबर को रिलीज़ हो चुका है। खास बात यह है कि इस सीरीज़ में सुनीता एक नेगेटिव किरदार में नजर आ रही हैं, जिसे उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से बेहद प्रभावशाली बना दिया है।
सुनीता पांडेय जल्द ही बतौर मुख्य अभिनेत्री अपनी नई तमिल फिल्म के जरिए भी दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली हैं। यह फिल्म सस्पेंस, हॉरर, ड्रामा और लव स्टोरी का अनोखा संगम है, जिसमें सुनीता का देसी से लेकर ग्लैमरस और हॉट अवतार देखने को मिलेगा। यह उनकी आठवीं दक्षिण भारतीय फिल्म है। इससे पहले वह ‘के.एस. 100’, ‘ओक्कड़े 1’, ‘कॉरपोरेट’, 'लूनी' जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवा चुकी हैं।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी सुनीता की मजबूत मौजूदगी देखने को मिल चुकी है। हिंदी फिल्म ‘कुन फाया कुन’ में उन्होंने अभिनेता हर्षवर्धन राणे के साथ स्क्रीन शेयर की है, वहीं नेटफ्लिक्स पर भी वह जल्द अपने अभिनय का जलवा बिखेरती नजर आएंगी।
टीवी करियर की बात करें तो सुनीता पांडेय ने अपने अभिनय सफर की शुरुआत स्टार प्लस के लोकप्रिय शो ‘राजा की आएगी बारात’ से की थी। इसके बाद उन्होंने बैक-टू-बैक आठ टीवी सीरियल्स में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई।
सुनीता पांडेय सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक मल्टी-टैलेंटेड और क्विक लर्नर भी हैं। वह कथक में प्रशिक्षित डांसर हैं और अभिनय के साथ-साथ मॉडल, क्रिएटिव डायरेक्टर और प्रोड्यूसर की भूमिका भी निभा रही हैं। उनकी अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘सुरमा एंटरटेनमेंट’ है, जिसके तहत बने कई क्राइम शोज़ शेमारू और अतरंगी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो चुके हैं।
सुनीता पांडेय अपने आत्मविश्वास, सादगी और मेहनत के लिए जानी जाती हैं। उनकी खूबसूरती में एक अलग ही ठहराव है, जो कैमरे पर आते ही दर्शकों को बांध लेता है। चाहे पॉजिटिव किरदार हो या नेगेटिव, सुनीता हर रोल में जान डाल देती हैं। उनके चेहरे की मासूमियत और आंखों की गहराई उनके अभिनय को और भी असरदार बना देती है।
बनारस की गलियों से जुड़ी उनकी जड़ें जरूर हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण और शिक्षा मुंबई में हुई है। बचपन में सुनीता का सपना एयर होस्टेस बनने का था, लेकिन किस्मत उन्हें अभिनय की दुनिया में ले आई। डांस से मॉडलिंग और फिर टीवी शोज़ तक का सफर तय करते हुए उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सुनीता अपने पिता को अपना आदर्श मानती हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि उनकी दूसरी तमिल फिल्म के निर्देशक वेंकटेश्वर श्रीराम के साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। उनसे उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और भविष्य में मौका मिला तो वह उनके साथ फिर से काम करना जरूर चाहेंगी।
कुल मिलाकर, सुनीता पांडेय आज अभिनय, सुंदरता और मेहनत का ऐसा संगम हैं, जो हर प्रोजेक्ट के साथ खुद को और निखारती जा रही हैं।
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