Saturday 31 October 2020

सुनि दसकंधर बचन तब, कुंभकरन बिलखान



जगदंबा हरि आनि अब         

सठ चाहत कल्यान

 जितेंद्र शर्मा/जौनपुर : तहसील बदलापुर के औंका गांव में चल रही श्री बाल हनुमंत धार्मिक रामलीला कमेटी में शुक्रवार रात में रावण-कुंभकर्ण संवाद, कुंभकर्ण श्री राम युद्ध और कुंभकर्ण बध की लीला का मंचन किया गया।

रामलीला में शुक्रवार रात की लीला कुंभकर्ण निद्रा को त्याग देते हैं और उसके बाद वह रावण के पास जाते हैं। कुंभकर्ण अपने भाई रावण को समझाते हुए कहते हैं कि वह पराई नारी को सम्मान के साथ श्रीराम को लौटा दें, अन्यथा पूरे राक्षस कुल का अंत हो जाएगा। अरे मूर्ख! रावण जग जननी जानकी को हर लाकर अब कल्याण चाहता है?

इस पर रावण कुंभकर्ण पर क्रोधित हो जाता है। इसके बाद कुंभकर्ण युद्ध करने के लिए रणभूमि में आ जाता है। दोनों में चले भयंकर युद्ध के बाद श्रीराम अपने बाणों से कुंभकर्ण का वध कर देते हैं। इसके के बाद जहां एक तरफ श्रीराम के खेमे में खुशी की लहर दौड़ जाती है। वहीं दूसरी तरफ रावण व लंका में दुख की लहर दौड़ पड़ती है। कुंभकर्ण वध के साथ रामलीला परिसर में श्रीराम के जयकारें गूंज उठे।इस लीला में श्री राम का पात्र प्रतीक शर्मा(लल्ला),कुंभकर्ण -सुशील शर्मा,लक्ष्मण-राज शर्मा,हनुमान-रूपेश शर्मा,अंगद-अंजनी शर्मा, रावण-कमलाकांत शर्मा,सुग्रीव-अखिलेश शर्मा व रावण दरबार के मंत्री आकाश शर्मा साकी साकी बखूबी किरदार के साथ सभी दर्शको को खूब आनंदित किया।

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