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 साहित्यिक संस्था काव्यसृजन की महानगर दिल्ली की इकाई द्वारा रविवार २७ सितम्बर 2020 को सातवें काव्य-पर्व का आयोजन दिल्ली इकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी के मार्गदर्शन एवं महासचिव संजीव कुमार घोष नीर के संयोजन तथा संस्थापक पंडित शिवप्रकाश जौनपुरी के सानिध्य में संपन्न हुआ। काव्य-पर्व में हर रविवार शाम ७ बजे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के तीन कवि अपनी प्रतिनिधि कविताओ के साथ दर्शकों से रूबरू होते हैं और सुनाते हैं समसामयिक विषयों पर श्रृंगार पर, देशप्रेम पर या कह सकते हैं कि हर रसों पर रचनाएं सुनने को मिल जाती है काव्य-पर्व में। काव्य-पर्व बहुत ही कम समय में लोगों के दिलों में जगह बनाने में सफल हुआ है। 

सीमित साधनों में साहित्य को साधते हुए सार्थक रचनाओं के साथ साधक कवियों को लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे काव्यसृजन दिल्ली इकाई के अध्यक्ष पंकज तिवारी ने उक्त गोष्ठी का संचालन बड़े ही खूबसूरती से किया है। इस बार के कार्यक्रम की शुरुआत पानीपत हरियाणा से आमंत्रित युवा कवयित्री आराधना सिंह 'अनु' के सरस्वती वंदना से हुई वंदना के बाद अनु ने अपने अगले गीत से प्रीत की सुंदर व्याख्या करती हुई नजर आई मधुर आवाज की धनी इस युवा कवयित्री की रचना को दर्शकों ने खूब पसंद किया‌। झारखंड से आमंत्रित युवा कवयित्री पूजा शेखर शुक्ला राधा-कृष्ण से इतर कृष्ण और रूक्मिणी के प्रेम संवाद को अपने कविता के माध्यम से सुनाया। कार्यक्रम के अंत में काव्यसृजन परिवार के संस्थापक पं. शिवप्रकाश जौनपुरी ने राम मंदिर के शिलान्यास पर बड़ी ही मनोहर कजरी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम लोगों के मन तक पहुंच रहा है इस बात की जानकारी देते हुए अध्यक्ष पंकज तिवारी ने उपस्थित सभी साहित्यकारों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया और सम्मान पत्र देकर गोष्ठी का समापन किया।

काव्य-पर्व का हर एपिसोड काव्यसृजन दिल्ली इकाई के फेसबुक तथा यूट्यूब पेज पर उपलब्ध है।

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