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मुम्बई के युवा साहित्यकार, कवि एवं पत्रकार पवन तिवारी के जीवन संघर्ष और लेखन पर समग्रता में चर्चा का आयोजन ठाणे (प.)के जिला परिषद मुख्यालय के पास मराठी ग्रन्थ संग्रहालय के सभागृह में 14 अक्टूबर शाम 4.30 बजे रखा गया है। इसका आयोजन अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच एवं प्रेमांजलि साहित्य संस्था के संयुक्त तत्वावधान में रखा गया है। कार्यक्रम के संयोजक अरविंद पांडेय के अनुसार इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं, संघर्षशील लोगों के प्रेरणा स्रोत बन रहे पवन तिवारी की रचना धर्मिता और संघर्ष की कहानी आम युवा तक पहुँचाना है। ताकि वे संघर्ष से प्रेरित हो सकें। पवन तिवारी ने 12 वर्ष की उम्र से लेखन आरम्भ किया ठेठ देहात से मुम्बई तक का सफ़र बिना किसी सहारे के।
 पहले ही उपन्यास के लिए अकादमी पुरस्कार, पहले कहानी संग्रह चवन्नी का मेला से चर्चित, 20 वर्ष में संपादक, 22 वर्ष में किताब आना, एक दर्जन पत्र पत्रिकाओं का सम्पादन 2500 से अधिक लेख, रेडियो और चैनल से लेकर ई मीडिया तक सब जगह उन्होंने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई । दिन में काम नाइट स्कूल में पढ़ाई करके यहाँ तक का सफर तय करना इस उम्र में निश्चित ही प्रेरणादायी है। इस अवसर पर उन्हें साहित्य भूषण से भी सम्मानित किया जाएगा।
 अधिक से अधिक युवा लेखक, कवि, साहित्यकार इस आयोजन में सहभागी बन सकते हैं। लोग उनकी जुबानी उनकी कहानी सुन सकते हैं , उनके लेखन और संघर्ष पर बात कर सकते हैं। कार्यक्रम के आयोजक अलका पांडेय और विधुभूषण का भी यही मूलमंत्र है कि प्रतिभा को सम्मान मिले और लोगों को उनके संघर्ष से प्रेरणा मिले।

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