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श्वेता पिक्चर्स के बैनर तले श्रीमती सरोज आर्य कृत भोजपुरी फ़िल्म-'नयनवां के बान' में ग्रामीण सभ्यता और संस्कृति को आत्मसात किया हुआ एक गाँव।उस गाँव में एक छोटा सा घर आँगन,जहाँ देश की सीमा की हिफाज़त करते हुए कुर्बानी देने वाले एक फौजी की शहादत के फूल खिले हैं, साथ ही साथ उस चमन में एक खूबसूरत और नाज़नीन सी ज़िन्दगी दिलकश अदा का ताना बाना बुन रही है।नयनो की शोख अदा और उस शोख अदा पर हावी होने की नापाक कोशिश करती दरिंदगी और फिर नफ़ीस मुहब्बत पर सामजिक परंपरा का टूटता तेज़ाबी कहर...ऐसे संगीन माहौल को चीरती बेखौफ़ मुहब्बत का नाम है-'नायनवां के बान'। एक गज़ब की दास्ताँ जिसकी अहमियत इस फ़िल्म में उभर कर सामने आती है। निर्देशक ललित कुमार आर्य का निर्देशन बेजोड़ लाजवाब और कथा,पटकथा,संवाद,गीत,नृत्य तथा संगीत में अजीब सा कसाव है।हर दृष्टिकोण से फ़िल्म में कथानक की पेशकश आकर्षक है।सबसे अहम् बात तो यह है कि यह फ़िल्म नयनों को आकर्षित करती है तो इसकी कशिश दिल की गहराई में उतरकर ज़िन्दगी की दिलकशी का भी इज़हार करती है।समाज और सिने प्रेमियों को मनोरंजन ही नहीं बल्कि जन जागरूकता के लिए दिशा निर्देश देना भी भोजपुरी फ़िल्म-'नायनवां के बान' की विशेषता है।
यह फ़िल्म बहुत जल्द ही बिहार और झारखण्ड के सिने दर्शकों तक भी पहुँचने वाली है। उत्तरप्रदेश के बाद मुम्बई और गुजरात में यह फ़िल्म प्रदर्शित हो चुकी है। इस फ़िल्म के लेखक निर्माता व् निर्देशक ललित कुमार आर्य हैं। इस फ़िल्म के लिए गीतकार लक्ष्मण शाहाबादी और आतिश जौनपुरी  के गीतों को अपने मधुर संगीत से सजाया है संगीतकार दीपक माईटी ने और गीतों को स्वर दिया है-नितिन मुकेश,सुरेश वाडेकर,बिनोद राठौड़,दिलराज कौर,चंद्राणि मुखर्जी,उषा मंगेशकर,अलका याग्निक,पूर्णिमा, इंदु सोनाली और रंजना परासर ने। देश प्रेम का सन्देश देती फैमिली ड्रामा युक्त इस भोजपुरी फ़िल्म के मुख्य कलाकार-मानसी पाण्डेय,मनोज मल्होत्रा,संजय पाण्डेय,अनूप उपाध्याय,उषा किरण,विकास आनंद,मधुरिमा तिवारी,कृतिका उपाध्याय, यास्मीन, फराह और पूनम दुबे आदि हैं।

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