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लोनावला। एक शताब्दी पुरानी योग अनुसंधान संस्था कैवल्यधाम 18 सितंबर 2026 को भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की आतिथ्य करेगी। वे गोरधनदास सेक्सारिया कॉलेज ऑफ योग एंड कल्चरल सिंथेसिस  के प्लेटिनम जुबली समारोह का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम कैवल्यधाम के लोनावला परिसर में आयोजित किया जाएगा।
1951 में स्थापित गोरधनदास सेक्सारिया कॉलेज ऑफ योग एंड कल्चरल सिंथेसिस योग शिक्षा के लिए समर्पित विश्व का पहला महाविद्यालय था। वर्ष 1962 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसे अखिल भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान (All India Institute of Higher Education) घोषित किया गया — यह मान्यता प्राप्त करने वाला देश का पहला योग संस्थान था। पिछले 75 वर्षों में इस महाविद्यालय ने शिक्षकों और शोधकर्ताओं की कई पीढ़ियों को प्रशिक्षित किया है, जिन्होंने कैवल्यधाम की पद्धतियों को 65 से अधिक देशों तक पहुँचाया है।
कार्यक्रम से पहले बोलते हुए कैवल्यधाम के सचिव एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), सुबोध तिवारी ने कहा, “पचहत्तर वर्ष पहले इस महाविद्यालय ने विश्व में अपनी तरह के पहले संस्थान के रूप में अपने द्वार खोले थे। यहाँ प्रशिक्षित हर शिक्षक, प्रकाशित हर शोधपत्र और इस कार्य को आगे बढ़ाने वाला हर विद्यार्थी — इन सभी की शुरुआत उसी बिंदु से जुड़ी हुई है। भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा इस प्लेटिनम जुबली का उद्घाटन किया जाना केवल कैवल्यधाम ही नहीं, बल्कि इस विधा का भी सम्मान होता है; यह उस विचार की मान्यता है कि योग का अध्ययन भी किसी अन्य विज्ञान की तरह उतनी ही प्रतिबद्धताऔर वैज्ञानिक अनुशासन के साथ किया जा सकता है। हम लोनावला और इसके आसपास के सभी लोगों को 18 सितंबर को हमारे साथ जुड़ने के लिए आमंत्रित करते हैं — प्रत्यक्ष रूप से या ऑनलाइन, और इस महत्वपूर्ण क्षण का हिस्सा बनने के लिए।”
यह महाविद्यालय कैवल्यधाम के अंतर्गत संचालित होता है। स्वामी कुवलयानंद द्वारा 1924 में स्थापित कैवल्यधाम योग के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए समर्पित विश्व की पहली प्रयोगशाला थी। संस्था ने अब तक 47 समकक्ष-समीक्षित (peer-reviewed) शोधपत्र  प्रकाशित किए हैं और योग पर विश्व की पहली समकक्ष-समीक्षित पत्रिका ‘योग मीमांसा’ का लगातार प्रकाशन पिछले सौ वर्षों से कर रही है। कैवल्यधाम के कार्यक्रमों में शैक्षणिक शिक्षा, आवासीय स्वास्थ्य एवं कल्याण उपचार, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा सामुदायिक सहभागिता से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं।

कैवल्यधाम के बारे में
कैवल्यधाम महाराष्ट्र के लोनावला में स्वामी कुवलयानंद द्वारा 1924 में स्थापित योग अनुसंधान एवं शिक्षण संस्थान है। यहाँ 1951 में स्थापित गोरधनदास सेक्सारिया कॉलेज ऑफ योग एंड कल्चरल सिंथेसिस, विश्व का पहला योग महाविद्यालय, संचालित होता है। यह संस्थान वैज्ञानिक अनुसंधान, शैक्षणिक शिक्षा, आवासीय स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्यक्रमों तथा सामुदायिक सहभागिता का संयोजन करता है और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा Scientific and Industrial Research Organization के रूप में मान्यता प्राप्त है।

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